Roaming Reporter – मैं

ON A journey to the new experiences.
Non-judgemental hence a reporter, who reports on the dimensions of Life, namely, दर्द, मैं & जश्न!

मैं / ahpolitical:

जब सारे फ़साने में मैं, सारे फ़साद में भी मैं..
जब कारण में मैं, और नतीजे में भी मैं
जब दर्शक भी मैं, कर्ता भी मैं.., और निर्माता भी मैं
तो वक़्त-वक़्त पर इस मैं को आईना दिखा देना चाहिए..!

Roaming Reporter:

कहते हैं जिंदगी चलने का नाम है
और इसे समझने के लिए चलना पड़ता है..

मेरे साथ समझिए जिंदगी को,
जिंदगी की खूबसूरती को, इसकी मासूमियत और चंचलता को
इसकी भव्यता, इसके जादू और तिलिस्म को भी..

जिंदगी के उस रूप को भी जब यह एक …जवाब तलाशने की सफर बन जाती है,
और उस पहलू को भी …जब यह दर्द से सुकून पाने की जद्दोजहद में तब्दील हो जाती है..

और जिंदगी के उन तमाम पहलुओं को भी…
जो सामने नहीं आते,
या यूं कह लीजिए… कि सामने आने दिए नहीं जाते..

अगर समझने की शिद्दत हो, और सुनने का जज्बा.
तो हर जर्रे में जुबां है, हर कदम पर कहानी..

कहते हैं जिंदगी चलने का नाम है,
और इसे समझने के लिए चलना पड़ता है..
मेरे साथ समझिए जिंदगी को,
जिंदगी के तमाम पहलुओं को ..